श्री संतोषी माता मंदिर
हरसिद्धि के पीछे चैरासी मंदिरों के क्रम में प्रथम महादेव श्री अगस्तेश्वर महादेव के आंगन में संतोषी माता का प्राचीन मंदिर स्थित है। यहां देवी की प्रतिमा प्राण-प्रतिष्ठित नहीं की गई है। प्रतिमा स्वयंभू बताई जाती है। मंदिर के पुजारी के अनुसार सेकड़ौ वर्ष पहले उनके परिवार के एक सदस्य को अगस्तेश्वर महादेव की पूजा करते समय इस स्थान पर देवी प्रतिमा होने का स्वप्न आया था। जब खुदाई की गई तो माता की बैठी हुई मुद्रा में प्रतिमा निकली तब से यह मंदिर में संतोषी माता के रूप में दर्शन देकर भक्तों का कल्याण कर रही हैं। नवरात्रि में सुबह-शाम आरती-पूजा व श्रृंगार दर्शन होते हैं।
देवी को भगवान श्री गणेश की पुत्री माना जाता है। लाभ और शुभ उनके भाई हैं। सुप्त देवियों में से एक संतोषी माता का मंदिर अतिप्रचीन है। देवी को गुड़-चने का भोग लगा कर मनौती मानी जाती है। मंदिर परिसर में ही 84 महादेव में प्रथम अगस्तेश्वर महादेव का मंदिर भी है।
